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*अति आवश्यक* 
*२४ घंटे के अन्दर भारत के कई शहर "निपाह वायरस" की चपेट मे आ चुके है*
इन शहरों के नाम इस प्रकार है,जहाँ मौजूदा सरकार ने *हाई अर्लट* जारी कर दिया है--
कर्नाटक
मणिपुर
मेघालय
लखनऊ
बनारस
गोरखपुर
मऊ
रांची
........और भी शहर लगातार इसकी चपेट में आते जा रहे है....

खतरनाक वायरस "निपाह" तेजी से पूरे देश में फैल रहा है। इसका कोई ईलाज नहीं है और मरीज 24 घंटे के अंदर "कोमा" में चला जाता है। यह बीमारी संक्रमित सुअरों और चमगादड़ों द्वारा फैल रही हैं।

लक्षण;
1.बुखार
2.सिरदर्द
3.दिमागी संदेह (भ्रम)
4. उल्टियां
5. मांसपेशियों में दर्द
6. निमोनिया के लक्षण
7. हल्की बेहोशी
8. दिमागी सूजन

अपने आप को निम्न से सुरक्षित रखें -
1.सुअरों से दूर रहें।

2.ऐसे फल न खाएं, जिन्हें पक्षियों ने काटा हो। फलों को बहुत सावधानी से खरीदें और बाहर के खुले में मिलने वाले जूस का सेवन जरा भी न करें।

3.खजूर व केले न खाएं।

4.चमगादड़ों के आवास के आस पास भी न जाएं।

5.कोई भी यात्रा अत्यावश्यक हो तो ही करें, संभव हो तो न ही करें।

6.चूंकि यह virus अत्यधिक संक्रामक है, इसीलिए बाहर का कुछ भी न खाएं, न पिएं।

7.चूंकि यह सुअरों से भी फैलता है, इसीलिए मांसाहार से भी बचें और ऐसी जगहों से भी, जहां मांसाहार का क्रय विक्रय होता है।

8.अगर कोई भी व्यक्ति संक्रमित होता है, तो तुरंत उसे इंटेंसिव केअर दें और उनके इस्तेमाल की किसी भी वस्तु को अलग रखें।


** ध्यान रखें कि जैव श्रृंखला प्रवेश करने वाला यह नवीनतम वायरस है। इसकी वैक्सीन और दवाइयां अभी प्रयोग के स्तर पर ही हैं। 
Intensive Care के अलावा इसका फिलहाल कोई भी इलाज नही है ।
*अभी अभी गोरखपुर मे मरने वालों की संख्या 6 पहुँची....*
गोरखपुर मे हाई अर्लट जारी...

इस संदेश को तेजी से फैलाए और कुछ जिंदगी बचाएं।

Suryakant Nagar

शरीर में प्रोटीन की कमी आपके लिए हानिकारक हो सकती है। इसलिए शरीर के लिए प्रोटीन की उचित मात्रा बेहद जरूरी है। एक स्वस्थ महिला को प्रतिदिन 46 और पुरुष को 56 ग्राम प्रोटीन का सेवन करना चाहिए।
प्रोटीन एमीनो एसिड की एक श्रृंखला होती है जो की हमारी मसल्स के लिए बहुत उपयोगी होती है। यह शरीर की प्रत्येक कोशिका के लिए आवश्यक तत्व है। हमारा शरीर प्रोटीन को कोशिकाओं को बनाने में और मसल्स को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल करता है। कार्बोहाइड्रेट की तरह आपका शरीर प्रोटीन को एकत्रित नहीं करता इसलिए प्रोटीन का सेवन आपको फिट बनाए रखता है। अगर आपके शरीर में प्रोटीन की कमी है तो आपके शरीर में कुछ खास लक्षण दिखाई देते हैं। आइए जानते हैं इन लक्षणों के बारे में।[ ये भी पढ़ें: स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं जिनके कारण घट सकता है आपका वजन]1.मसल्स कमजोर होना:
प्रोटीन आपकी मसल्स के लिए ईंधन का काम करता है। इसलिए शरीर में प्रोटीन की कमी होने पर मसल्स पर सबसे पहले प्रभाव पड़ता है और मसल्स दर्द होने लगती है। अगर आपकी मसल्स में दर्द रहता है तो आपके शरीर में प्रोटीन की कमी हो सकती है।
2.बालों का झड़ना:
बालों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी कैरोटीन को प्रोटीन द्वारा ही प्राप्त किया जाता है। इसलिए प्रोटीन की कमी से बाल झड़ने लग जाते हैं। बालों का असमय झड़ना शरीर में प्रोटीन की कमी का संकेत हो सकता है। 
3. कुछ खाने की बहुत अधिक इच्छा होना: आपको अगर हर रोज कुछ खास खाने की इच्छा होती है तो ये भी प्रोटीन की कमी का संकेत हो सकता है। क्योंकि प्रोटीन की कमी से शरीर में कार्बोहाइड्रेट और वसा जमा होने लगते हैं, जो ब्लड शुगर का लेवल बढ़ाकर भूख भी बढ़ा देते हैं। इसलिए खाने की बहुत ज्यादा चाहत आपमें प्रोटीन की कमी का संकेत हो सकता है।
4. इम्यूनिटी कम होना: आपके भोजन में प्रोटीन की कमी आपके इम्यून सिस्टम को कमजोर बना सकती है। जिससे बहुत जल्दी सर्दी, जुकाम, बुखार जैसी बीमारियां लग जाती है।
5. नाखूनों का कमजोर होना: शरीर में प्रोटीन कोशिकाओं के निर्माण और उनके पुनर्निमाण में सहायक होता है।इसलिए नाखूनों का कमजोर होकर टूटना प्रोटीन की कमी का संकेत हो सकता है। 

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Dr. Nirmal Mehta

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*अति आवश्यक* 

खतरनाक वायरस "निपाह" तेजी से पूरे देश में फैल रहा है। इसका कोई ईलाज नहीं है और मरीज 24 घंटे के अंदर "कोमा" में चला जाता है। यह बीमारी संक्रमित सुअरों और चमगादड़ों द्वारा फैल रही हैं।

लक्षण;
1.बुखार
2.सिरदर्द
3.दिमागी संदेह (भ्रम)
4. उल्टियां
5. मांसपेशियों में दर्द
6. निमोनिया के लक्षण
7. हल्की बेहोशी
8. दिमागी सूजन

अपने आप को निम्न से सुरक्षित रखें -
1.सुअरों से दूर रहें।

2.ऐसे फल न खाएं, जिन्हें पक्षियों ने काटा हो। फलों को बहुत सावधानी से खरीदें और बाहर के खुले में मिलने वाले जूस का सेवन जरा भी न करें।

3.खजूर न खाएं।

4.चमगादड़ों के आवास के आस पास भी न जाएं।

5.कोई भी यात्रा अत्यावश्यक हो तो ही करें, संभव हो तो न ही करें।

6.चूंकि यह virus अत्यधिक संक्रामक है, इसीलिए बाहर का कुछ भी न खाएं, न पिएं।

7.चूंकि यह सुअरों से भी फैलता है, इसीलिए मांसाहार से भी बचें और ऐसी जगहों से भी, जहां मांसाहार का क्रय विक्रय होता है।

8.अगर कोई भी व्यक्ति संक्रमित होता है, तो तुरंत उसे इंटेंसिव केअर दें और उनके इस्तेमाल की किसी भी वस्तु को अलग रखें।


** ध्यान रखें कि जैव श्रृंखला प्रवेश करने वाला यह नवीनतम वायरस है। इसकी वैक्सीन और दवाइयां अभी प्रयोग के स्तर पर ही हैं। 
Intensive Care के अलावा इसका फिलहाल कोई भी इलाज नही है ।

इस संदेश को तेजी से फैलाए और कुछ जिंदगी बचाएं।

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दही में नमक डाल कर न खाऐं |

डॉ.के.पी.सिंह (कैंसर विशेषज्ञ)
9213981415
कभी भी आप दही को नमक के साथ मत खाईये. दही को अगर खाना ही है, तो हमेशा दही को मीठी चीज़ों के साथ खाना चाहिए, जैसे कि चीनी के साथ, गुड के साथ, बूरे के साथ आदि.

इस क्रिया को और बेहतर से समझने के लिए आपको बाज़ार जाकर किसी भी साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट की दूकान पर जाना है, और वहां से आपको एक लेंस खरीदना है, अब अगर आप दही में इस लेंस से देखेंगे तो आपको छोटे-छोटे हजारों बैक्टीरिया नज़र आएंगे |

ये बैक्टीरिया जीवित अवस्था में आपको इधर-उधर चलते फिरते नजर आएंगे. ये बैक्टीरिया जीवित अवस्था में ही हमारे शरीर में जाने चाहिए, क्योंकि जब हम दही खाते हैं तो हमारे अंदर एंजाइम प्रोसेस अच्छे से चलता है |

*हम दही केवल बैक्टीरिया के लिए खाते हैं |* 

दही को आयुर्वेद की भाषा में जीवाणुओं का घर माना जाता है, अगर एक कप दही में आप जीवाणुओं की गिनती करेंगे तो करोड़ों जीवाणु नजर आएंगे | 

अगर आप मीठा दही खायेंगे तो ये बैक्टीरिया आपके लिए काफ़ी फायदेमंद साबित होंगे |

*वहीं अगर आप दही में एक चुटकी नमक भी मिला लें तो एक मिनट में सारे बैक्टीरिया मर जायेंगे |* और उनकी लाश ही हमारे अंदर जाएगी जो कि किसी काम नहीं आएगी |

अगर आप 100 किलो दही में एक चुटकी नामक डालेंगे तो दही के सारे बैक्टीरियल गुण खत्म हो जायेंगे क्योंकि नमक में जो केमिकल्स है वह जीवाणुओं के दुश्मन है |

आयुर्वेद में कहा गया है कि दही में ऐसी चीज़ मिलाएं, जो कि जीवाणुओं को बढाये ना कि उन्हें मारे या खत्म करे | 

दही को गुड़ के साथ खाईये, गुड़ डालते ही जीवाणुओं की संख्या मल्टीप्लाई हो जाती है और वह एक करोड़ से दो करोड़ हो जाते हैं थोड़ी देर गुड मिला कर रख दीजिए |

बूरा डालकर भी दही में जीवाणुओं की ग्रोथ कई गुना ज्यादा हो जाती है |

मिश्री को अगर दही में डाला जाये तो ये सोने पर सुहागे का काम करेगी |

भगवान कृष्ण भी दही को मिश्री के साथ ही खाते थे |

पुराने समय के लोग अक्सर दही में गुड़ डाल कर दिया करते थे।

Dr. Nirmal Mehta